CBSE CLASS 12 PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER
Hindi Elective
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खंड - क (अपठित बोध)
1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (10 अंक) सौरमंडल में पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है, जिस पर जीवन संभव है। पृथ्वी और इसके पर्यावरण को बचाने के संकल्प के साथ 'पृथ्वी दिवस' हर साल 22 अप्रैल को दुनिया भर में मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरुआत 1970 से हुई जब अमेरिका समेत कई देशों ने बिगड़ते पर्यावरण के मुद्दे की गंभीरता को समझा और पृथ्वी बचाने के लिए एक अभियान की शुरुआत हुई । उस कार्यक्रम में हरेक समाज, वर्ग और क्षेत्र के लोगों ने हिस्सा लिया था। इस वर्ष का 'पृथ्वी दिवस' पर्यावरण के आगे प्लास्टिक से उत्पन्न खतरे पर केंद्रित है, जिसमें एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को समाप्त करने और उसका विकल्प खोजने का आह्वान किया गया है।
पृथ्वी पर जैसे-जैसे आबादी बढ़ती जा रही है, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की गति भी बढ़ती जा रही है। बढ़ते असंतुलन के कारण वह दिन बहुत दूर नहीं, जब पृथ्वी रहने लायक नहीं बचेगी । इसलिए ज़रूरी है कि सभी लोग जाग जाएँ, अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को समझें और पृथ्वी के प्रति अपने कर्तव्य निभाएँ। गांधीजी का मानना था कि पृथ्वी, वायु, जल और भूमि हमारे पूर्वजों की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि वे हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों की अमानत हैं। हमें अपनी भावी पीढ़ियों को साफ-सुथरा पर्यावरण सौंपना होगा। गांधीजी का मानना था कि पृथ्वी के पास लोगों की ज़रूरतें पूरी करने के लिए तो पर्याप्त संसाधन हैं, लोभ की पूर्ति लायक नहीं ।
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हमारी पारंपरिक मान्यता है कि पृथ्वी एक माँ की तरह है, जो मनुष्य, वनस्पति, जीव-जंतु समेत सभी प्राणियों को अपनी गोद में पालती है। मनुष्य भौतिक सुख भोगने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का अविवेकपूर्ण दोहन करता जा रहा है जिससे इसकी जैव विविधता को भारी नुकसान पहुँच रहा है। धरती पर जीवन बनाए रखने के लिए धरती और पर्यावरण को बचाना बहुत ज़रूरी है। हमें गैर-नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करने की बजाय नवीकरणीय संसाधनों जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल-विद्युत आदि पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए । प्रकृति के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना और उसकी सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाना आवश्यक है।
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(i) वर्ष 2024 का 'पृथ्वी दिवस' केंद्रित है - (1 अंक) (A) पर्यावरण (B) प्लास्टिक (C) जलवायु (D) प्रदूषण
(ii) गद्यांश में प्रयुक्त 'सभी लोग जाग जाएँ' का आशय है - (1 अंक) (A) पृथ्वी की रक्षा के प्रति सचेत हो जाएँ । (B) समय पर अपने कर्तव्य की पूर्ति करें। (C) अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का पालन करें । (D) पारंपरिक अंधविश्वासों से मुक्त हो जाएँ ।
(iii) पृथ्वी की माँ से तुलना का आधार है - (1 अंक) (A) पालन-पोषण का गुण (B) रक्षा करने का गुण (C) जन्म देने का गुण (D) सहन करने का गुण
(iv) प्रकृति के प्रति गांधीजी का क्या दृष्टिकोण था ? (2 अंक) (v) बढ़ती हुई आबादी के कौन-कौन से दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं ? (2 अंक) (vi) गैर-नवीकरणीय ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के बीच के अंतर को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए । (2 अंक) (vii) प्रकृति की रक्षा प्रत्येक मनुष्य के लिए क्यों आवश्यक है ? (1 अंक)
2. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (8 अंक) जहाँ भूमि पर पड़ा कि सोना धँसता, चाँदी धँसती धँसती ही जाती पृथ्वी में बड़ों-बड़ों की हस्ती । शक्तिहीन जो हुआ कि बैठा भू पर आसन मारे खा जाते हैं उसको मिट्टी के ढेले हत्यारे मातृभूमि है उसकी, जिसको उठके जीना होता है, दहन-भूमि है उसकी, जो क्षण-क्षण गिरता जाता है, भूमि खींचती है मुझको भी नीचे धीरे-धीरे किंतु लहराता हूँ मैं नभ पर शीतल-मंद-समीरे । काला बादल आता है गुरु गर्जन स्वर भरता है विद्रोही-मस्तक पर वह अभिषेक किया करता है। विद्रोही हैं हमीं, हमारे फूलों से फल आते हैं और हमारी कुर्बानी पर जड़ भी जीवन पाते हैं।
(i) 'धँसती ही जाती पृथ्वी में बड़ों-बड़ों की हस्ती' पंक्ति का आशय है - (1 अंक) (A) पृथ्वी पर सब कुछ नश्वर है। (B) पृथ्वी में बड़े-बड़े समा जाते हैं। (C) शक्तिशालियों का जीवन क्षणभंगुर है। (D) शक्तिशालियों का अधः पतन निश्चित है।
(ii) शक्तिहीन का क्या हश्र होता है ? (1 अंक) (A) थक-हार कर बैठ जाता है। (B) लोग उनको पनपने नहीं देते । (C) लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते । (D) अस्तित्व नष्ट हो जाता है।
(iii) कविता के केंद्रीय भाव को दर्शाने वाले कथन है/हैं - (1 अंक) (I) संसार में जीने के लिए शक्तिशाली बनना पड़ेगा । (II) हार मानने वालों के लिए मातृभूमि मरण-भूमि के समान है। (III) यहाँ सब एक-दूसरे के विरोधी हैं। (A) केवल (I) (B) केवल (II) (C) (I) और (II) दोनों ही (D) (I) और (III) दोनों ही
(iv) अपने को विद्रोही कौन और क्यों मानते हैं ? (2 अंक) (v) इस काव्यांश के माध्यम से क्या सीख दी गई है ? (2 अंक) (vi) गुरु गर्जना करने वाले बादलों का, वृक्षों के मस्तक पर अभिषेक करना क्या दर्शाता है ? (1 अंक)
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खंड - ख (अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक पर आधारित)
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (5 अंक) (क) पत्रकारिता की भाषा में मुखड़ा किसे कहते हैं ? इसका क्या महत्त्व है ? (शब्द सीमा - लगभग 20 शब्द) (1 अंक) (ख) “जनसंचार के माध्यम आपस में प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक और सहयोगी हैं।" सिद्ध कीजिए । (शब्द सीमा लगभग 40 शब्द) (2 अंक) (ग) बीट किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द) (2 अंक)
4. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : (2 × 3 = 6 अंक) (क) समाचार पत्र-पत्रिकाओं में विभिन्न विषयों और क्षेत्रों से संबंधित जानकारी को क्यों शामिल किया जाता है ? स्पष्ट कीजिए । (ख) दृश्य-श्रव्य माध्यमों की तुलना में मुद्रित माध्यम के पाठकों को कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं ? (ग) 'खोजी रिपोर्ट' और 'इन डेप्थ रिपोर्ट' के अंतर को स्पष्ट कीजिए ।
5. निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए : (1 × 5 = 5 अंक) (क) नाटक प्रतियोगिता में जब मैंने महिला पात्र का अभिनय किया (ख) खेलों से प्रतिस्पर्धा की सच्ची भावना (ग) वरिष्ठ व्यक्तियों के प्रति हमारे कर्तव्य
6. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : (2 × 3 = 6 अंक) (क) चित्रकला, संगीतकला या नृत्यकला की तरह कविता लेखन की कला सिखाई क्यों नहीं जा सकती ? स्पष्ट कीजिए । (ख) नाटक के मंच-निर्देश हमेशा वर्तमान काल में ही क्यों लिखे जाते हैं ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए । (ग) कहानी में पात्रों के चरित्र चित्रण का सबसे अधिक प्रभावशाली तरीका कौन सा है ? उदाहरण सहित लिखिए ।
खंड - ग (पाठ्य पुस्तकों अंतरा, अंतराल पर आधारित)
7. निम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कर लिखिए : (5 × 1 = 5 अंक) पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े ।। कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहौं मैं काहा ।। मैं जानउँ निज नाथ सुभाऊ । अपराधिहु पर कोह न काऊ ।। मो पर कृपा सनेहु बिसेखी। खेलत खुनिस न कबहूँ देखी ।। सिसुपन तें परिहरेउँ न संगू। कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ।। मैं प्रभु कृपा रीति जियँ जोही। हारेंहूँ खेल जितावहिं मोंही ।। महूँ सनेह सकोच बस सनमुख कही न बैन । दरसन तृपित न आजु लगि पेम पिआसे नैन ।।
(i) 'कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू' पंक्ति के माध्यम से राम के प्रति भरत के किस विश्वास का परिचय मिलता है ? (I) राम उनके आग्रह पर अयोध्या लौट चलेंगे । (II) राम भरत से बहुत प्रेम करते हैं। (III) राम उनका मन नहीं तोड़ेंगे । (IV) राम उन्हें क्षमा कर देंगे । विकल्प : (A) केवल (I) (B) केवल (III) (C) (I) और (III) दोनों (D) (II) और (IV) दोनों
(ii) राम की किस प्रकृति का वर्णन यहाँ किया गया है ? (A) कृपापूर्ण (B) क्षमापूर्ण (C) दयापूर्ण (D) प्रेमपूर्ण
(iii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए : कथन : भरत ने राम के सम्मुख कभी मुँह नहीं खोला । कारण : शिष्टाचार की परंपरा रही है कि बड़ों के सामने विनम्रता का व्यवहार किया जाता है। (A) कथन गलत है किंतु कारण सही है। (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (C) कथन सही है किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है। (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
(iv) भरत ने राम के स्वभाव की किस विशेषता का उल्लेख किया है ? (A) दूसरों पर दया करने की (B) शत्रु को क्षमा करने की (C) अपराधी पर भी क्रोध न करने की (D) शरणागत पर कृपा करने की
(v) 'पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े' पंक्ति के माध्यम से किसकी मनोदशा का वर्णन किया गया है ? (A) भरत (B) राम (C) लक्ष्मण (D) कैकेयी
8. काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए : (2 × 2 = 4 अंक) (क) 'देवसेना का गीत' कविता के आधार पर लिखिए कि देवसेना के जीवन की विडंबना किसे कहा गया है और क्यों ? (ख) तोड़ो' कविता का कवि सृजन का आकांक्षी है, विध्वंस का नहीं।' सिद्ध कीजिए । (ग) 'जो है वह सुगबुगाता है। जो नहीं है वह फेंकने लगता है पचखियाँ' पंक्ति के संदर्भ में 'सुगबुगाने' और 'पचखियाँ फेंकने' का आशय स्पष्ट कीजिए ।
9. निम्नलिखित काव्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : (6 अंक) (क) अगहन देवस घटा निसि बाढ़ी। दूभर, दुख सो जाइ किमि काढ़ी ।। अब धनि देवस बिरह भा राती। जरै बिरह ज्यों दीपक बाती ।। काँपा हिया जनावा सीऊ। तौ पै जाइ होइ सँग पीऊ ।। घर घर चीर रचा सब काहूँ। मोर रूप रँग लै गा नाहू ।। अथवा (ख) यह जन है - गाता गीत जिन्हें फिर और कौन गाएगा ? पनडुब्बा - ये मोती सच्चे फिर कौन कृती लाएगा ? यह समिधा - ऐसी आग हठीला बिरला सुलगाएगा । यह अद्वितीय - यह मेरा यह मैं स्वयं विसर्जित - यह दीप, अकेला, स्नेह भरा है गर्व भरा मदमाता, पर इसको भी पंक्ति को दे दो।
10. निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : (5 × 1 = 5 अंक) मेरे पिताजी फ़ारसी के अच्छे ज्ञाता और पुरानी हिंदी कविता के बड़े प्रेमी थे । फ़ारसी कवियों की उक्तियों को हिंदी कवियों की उक्तियों के साथ मिलाने में उन्हें बड़ा आनंद आता था । वे रात को प्रायः रामचरितमानस और रामचंद्रिका, घर के सब लोगों को एकत्र करके बड़े चित्ताकर्षक ढंग से पढ़ा करते थे । आधुनिक हिंदी साहित्य में भारतेंदु जी के नाटक उन्हें बहुत प्रिय थे । उन्हें भी वे कभी-कभी सुनाया करते थे। जब उनकी बदली हमीरपुर ज़िले की राठ तहसील से मिर्जापुर हुई तब मेरी अवस्था आठ वर्ष की थी। उसके पहिले ही से भारतेंदु के संबंध में एक अपूर्व मधुर भावना मेरे मन में जगी रहती थी। 'सत्य हरिश्चंद्र' नाटक के नायक राजा हरिश्चंद्र और कवि हरिश्चंद्र में मेरी बाल-बुद्धि कोई भेद नहीं कर पाती थी ।
(i) लेखक के पिता की किसमें रुचि थी ? (A) फ़ारसी और हिंदी भाषा मिलाने में (B) फ़ारसी और हिंदी गद्य मिलाने में (C) नाटक और कविता मिलाकर पढ़ने में (D) हिंदी-फ़ारसी भाषा की उक्तियाँ मिलाने में
(ii) गद्यांश में रामचरितमानस और रामचन्द्रिका का उल्लेख क्यों किया गया है ? (A) हिंदी साहित्य के विराट रूप का परिचय देने के लिए । (B) घर के धार्मिक वातावरण का उल्लेख करने के लिए । (C) लेखक के पिता की भक्ति भावना का उल्लेख करने के लिए । (D) घर के साहित्यिक परिवेश से परिपूर्ण वातावरण का उल्लेख करने के लिए ।
(iii) लेखक के मन में भारतेंदु के संबंध में मधुर भावना जागने का कारण था - (A) पिता दुद्वारा चित्ताकर्षक ढंग से उनके नाटकों का सुनाया जाना । (B) हिंदी साहित्य जगत के प्रसिद्ध कवि और नाटककार होना । (C) बचपन में सत्य हरिश्चंद्र नाटकों का मंचन करना । (D) बचपन में सत्य हरिश्चंद्र के नाटकों का मंचन देखना ।
(iv) गद्यांश में प्रयुक्त 'अवस्था' शब्द का अर्थ है - (A) हालत (B) दशा (C) आयु (D) स्थिति
(v) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : बचपन में लेखक राजा हरिश्चंद्र और कवि हरिश्चंद्र में कोई अंतर नहीं कर पाता था । कारण : लेखक की बाल-बुद्धि नाम की समानता के कारण दोनों को एक ही समझती थी । (A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं। (B) कारण सही है लेकिन कथन गलत है। (C) कथन सही है लेकिन कारण गलत है। (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
11. गद्य खंड पर आधारित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए: (2 × 2 = 4 अंक) (क) 'परिवेश का व्यक्तित्व निर्माण पर प्रभाव पड़ता है' आचार्य रामचंद्र शुक्ल के व्यक्तित्व के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए । (ख) हरगोबिन संवदिया था, उसके द्वारा बड़ी बहुरिया के संवाद को न पहुँचाने को आप कहाँ तक उचित मानते हैं ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए । (ग) विस्थापन के विरोध में पेड़ों का सूखना क्या दर्शाता है ? 'जहाँ कोई वापसी नहीं' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए ।
12. निम्नलिखित पठित गद्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : (6 अंक) (क) हरगोबिन भाई, तुमको एक संवाद ले जाना है। आज ही। बोलो, जाओगे न ?" "कहाँ ?" "मेरी माँ के पास ।" हरगोबिन बड़ी बहुरिया की छलछलाई आँखों में डूब गया, "कहिए, क्या संवाद है ?" संवाद सुनाते समय बड़ी बहुरिया सिसकने लगी। हरगोबिन की आँखें भी भर आईं ।... बड़ी हवेली की लक्ष्मी को पहली बार इस तरह सिसकते देखा है हरगोबिन ने। वह बोला, "बड़ी बहुरिया, दिल को कड़ा कीजिए ।" "और कितना कड़ा करूँ दिल ?... माँ से कहना, मैं भाई-भाभियों की नौकरी करके पेट पालूँगी। बच्चों की जूठन खाकर एक कोने में पड़ी रहूँगी, लेकिन यहाँ अब नहीं... अब नहीं रह सकूँगी ।..... कहना, यदि माँ मुझे यहाँ से नहीं ले जाएगी तो मैं किसी दिन गले में घड़ा बाँधकर पोखरे में डूब मरूँगी ।.... बथुआ-साग खाकर कब तक जीऊँ ? किसलिए.... किसके लिए ?" अथवा (ख) कहते हैं, पर्वत शोभा निकेतन होते हैं। फिर हिमालय का तो कहना ही क्या ! पूर्व और अपर समुद्र-महोदधि और रत्नाकर दोनों को दोनों भुजाओं से थाहता हुआ हिमालय 'पृथ्वी का मानदंड' कहा जाए तो गलत क्या है ? कालिदास ने ऐसा ही कहा था। इसी के पाद-देश में यह श्रृंखला दूर तक लोटी हुई है, लोग इसे शिवालिक श्रृंखला कहते हैं । 'शिवालिक' का क्या अर्थ है ? 'शिवालिक' या शिव के जटाजूट का निचला हिस्सा तो नहीं है। लगता तो ऐसा ही है। शिव की लटियायी जटा ही इतनी सूखी, नीरस और कठोर हो सकती है। वैसे, अलकनंदा का स्रोत यहाँ से काफ़ी दूरी पर है, लेकिन शिव का अलक तो दूर-दूर तक छितराया ही रहता होगा। संपूर्ण हिमालय को देखकर ही किसी के मन में समाधिस्थ महादेव की मूर्ति स्पष्ट हुई होगी ।
13. निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए : (2 × 5 = 10 अंक) (क) 'सूरदास की झोंपड़ी' पाठ के संदर्भ में सच्चे खिलाड़ी की पहचान बताते हुए उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए कि सूरदास जीवन रूपी संग्राम का सच्चा खिलाड़ी था । (ख) 'बिस्कोहर की माटी' पाठ में वर्णित ग्रामीण जीवन की झाँकी प्रस्तुत कीजिए । (ग) 'डग-डग रोटी पग-पग नीर' वाले मालवा की वर्तमान स्थिति 'अपना मालवा खाऊ-उजाडू सभ्यता में' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। स्थिति के कारणों को स्पष्ट करते हुए यह भी लिखिए कि इसे कैसे सुधारा जा सकता है ?
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