Haryana Board (BSEH) Class-12 Hindi-Previous Year Question Paper 2026 (HBSE) PDF Download (Free)
सामान्य निर्देश :
(i) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
(ii) इस प्रश्न-पत्र में दो खण्ड हैं – खण्ड (अ) और खण्ड (ब)।
(iii) खण्ड (अ) में बहुविकल्पीय और खण्ड (ब) में वर्णनात्मक प्रश्न हैं।
(iv) खण्ड (अ) में कुल 6 प्रश्नों के 30 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए हैं।
(v) खण्ड (ब) में कुल 9 प्रश्न हैं। निर्देशानुसार विकल्पों का ध्यान रखते हुए सभी प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य है।
(vii) प्रश्न-पत्र के दोनों खण्डों में प्रश्नों की कुल संख्या 15 है और सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
(vii) प्रश्नों का उत्तर लिखते समय प्रश्न क्रम संख्या अवश्य लिखिए।
(viii) यथासंभव दोनों खण्डों के प्रश्नों के उत्तर क्रमशः लिखिए।
(ix) प्रश्नों के निर्धारित अंक उनके सामने दिए गए हैं।
(x) शुद्ध, सार्थक एवं तर्कसंगत उत्तरों को उचित अविभान दिया जाएगा। वर्तनीगत अशुद्धियों तथा विषयांतर की स्थिति में कम अथवा शून्य अंक देकर दण्डित किया जा सकता है।
खण्ड – अ
(बहुविकल्पीय प्रश्न)
1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : 1 × 5 = 5
विधाता-रचित इस सृष्टि का सिरमौर है मनुष्य। उसकी कारीगरी का सर्वोत्तम नमूना। इस मानव को ब्रह्माण्ड का लघु रूप मानकर भारतीय दार्शनिकों ने ‘यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे’ की कल्पना की थी। उनकी यह कल्पना मात्र कल्पना नहीं थी, प्रत्युत यथार्थ भी थी क्योंकि मानव-मन में जो विचारणा के रूप में घटित होता है, उसी का कृति रूप ही तो सृष्टि है। मन तो मन, मानव का शरीर भी अप्रतिम है। देखने में इससे भव्य, आकर्षक एवम् लावण्यमय रूप सृष्टि से अन्यत्र कहाँ है ? अनुभुत एवं अछितीय है मानव सौदर्य ! साहित्यकारों ने इसके रूप-सौंदर्य के वर्णन के लिए कितने ही अप्रस्तुतों का विधान किया है और इस सौंदर्य-राशि से सभी को आप्यायित करने के लिए अनेक सृष्टियाँ रच डाली हैं।
साहित्यशास्त्रियों ने भी इसी मानव की भावनाओं का विवेचन करते हुए अनेक रसों का निरूपण किया है। परन्तु वैज्ञानिक दृष्टि से विचार किया जाए तो मानव-शरीर को एक जटिल यन्त्र से उपमित किया जा सकता है। जिस प्रकार यंत्र के एक पुर्जे में दोष आ जाने पर सारा यन्त्र गड़बड़ा जाता है, बेकार हो जाता है उसी प्रकार मानव-शरीर के विभिन्न अवयवों में से यदि कोई एक अवयव भी बिगड़ जाता है तो उसका प्रभाव सारे शरीर पर पड़ता है। इतना ही नहीं, गुदे जैसे कोमल एवं नाजुक हिस्से के खराब हो जाने से यह गतिशील वपुयंत्र एकाएक अवरुद्ध हो सकता है, व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है। एक अंग के विकृत होने पर सारा शरीर दण्डित हो, वह कालकवलित हो जाए – यह विचारणीय है।
यदि किसी यन्त्र के पुर्जे को बदलकर उसके स्थान पर नया पुर्जा लगाकर यन्त्र को पूर्ववत सुचारु एवं व्यवस्थित स्वरूप से क्रियाशील बनाया जा सकता है तो शरीर के विकृत अंग के स्थान पर नया निरामय अंग लगाकर शरीर को स्वस्थ एवं सामान्य क्यों नहीं बनाया जा सकता ? शल्य-चिकित्सकों ने इस दायित्वपूर्ण चुनौती को स्वीकार किया तथा निरन्तर अध्यवसाय पूर्णसाधना के अनन्तर अंग-प्रत्यारोपण के क्षेत्र में सफलता प्राप्त की। अंग-प्रत्यारोपण का उद्देश्य है कि मनुष्य दीर्घायु प्राप्त कर सके। यहाँ यह ज्ञातव्य है कि मानव-शरीर हर किसी के अंग को उसी प्रकार स्वीकार नहीं करता, जिस प्रकार हर किसी का रक्त उसे स्वीकार्य नहीं होता। रोगी को रक्त देने से पूर्व रक्त-वर्ग का परीक्षण अनिवार्य है, तो अंग-प्रत्यारोपण से पूर्व ऊतक-परीक्षण अनिवार्य है। आज का शल्य-चिकित्सक गुर्दें, यकृत, आंत, फेफड़े और हृदय का प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक कर रहा है। साधन-सम्पन्न चिकित्सालयों में मस्तिष्क के अतिरिक्त शरीर के प्रायः सभी अंगों का प्रत्यारोपण संभव हो गया है।
प्रश्न :
(क) मानव को सृष्टि का लघु रूप माना गया है क्योंकि :
(i) मानव-मन में जो घटित होता है, वही सृष्टि में घटित होता है।
(ii) मानव सृष्टि का सिरमौर है।
(iii) मन की शक्ति अपराजय है।
(iv) मानव का शरीर भी अप्रतिम है।
(ख) अंग-प्रत्यारोपण के संबंध में कौन-सा कथन गद्यांश के अनुसार सही है ?
(i) यह केवल यकृत के लिए संभव है।
(ii) इसे केवल छोटे अस्पतालों में किया जा सकता है।
(iii) मस्तिष्क को छोड़कर लगभग सभी अंगों का प्रत्यारोपण सम्भव है।
(iv) इसमें रक्त-परीक्षण की आवश्यकता नहीं होती।
(ग) कौन-सा अंग विशेष रूप से ‘कोमल एवं नाजुक’ कहा गया है ?
(i) यकृत (ii) गुदा
(iii) हृदय (iv) आँत
(घ) मानव-शरीर और यंत्र की तुलना से क्या दार्शनिक संकेत मिलता है ?
(i) मानव-शरीर मात्र सौंदर्य का प्रतीक है।
(ii) मानव-शरीर का अस्तित्व पूर्णतः वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है।
(iii) मानव-शरीर भी यंत्र की भाँति परस्पर निर्भर अवयवों की संगठित प्रणाली है।
(iv) यंत्र और मानव-शरीर में कोई समानता नहीं है।
(ङ) गद्यांश के अनुसार अंग-प्रत्यारोपण का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
(i) विज्ञान का प्रदर्शन
(ii) चिकित्सकों की प्रतिष्ठा बढ़ाना
(iii) रक्त-वर्ग का परीक्षण
(iv) मनुष्य को दीर्घायु प्रदान करना
2. 1 × 5 = 5
माथे पर सजा सफलता का मुकुट न देख,
मेरे हाथ की ऐंठन, पाँव के छाले भी देख।
भोर के सूरज से पहले त्यागी नींदें,
रतजगों में जलते मेरे उजाले भी देख।
न सराहा भाग्य मेरा, रहा भूखा-प्यासा,
विसे कठोर तलवे, चपटे पाँव भी देख।
क्यों करते हो उपेक्षा मेरी जीत की ?
टेढी उँगली, मिट चुकी रेखाएँ भी देख।
तपा धूप में अस्थि-पिंजर सा ढला तन,
पसीने की गंथ महसूस करके भी देख।
अनवरत चलता रहा, न थका न हारा,
थेंसी आँखें, पिचके हुए गाल भी देख।
न थक, न हार, रख हौसला बढ़ा कदम
मेरी तरह तू भी – एक बार चलकर देख।
माथे पर सजा सफलता का मुकुट न देख,
मेरे हाथ की ऐंठन, पाँव के छाले भी देख।
(घ) कवि किस समय जागता है ?
(i) रात को (ii) सूरज उगने के बाद (iii) सूर्योदय से पहले (iv) उपर्युक्त सभी
(ङ) कथन (A) और कारण (R) को पढ़कर उचित विकल्प चुनिए : कथन (A) : काव्यांश का केन्द्रीय भाव भाग्य पर निर्भर करता है। कारण (R) : कवि बार-बार संघर्ष और श्रम का महत्त्व बताता है।
(i) कथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है। (ii) कथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं, परंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है। (iii) कथन (A) सत्य है, परंतु कारण (R) असत्य है। (iv) कथन (A) असत्य है, परंतु कारण (R) सत्य है।
3. आरोह (भाग - 2 ) काव्य-खण्ड पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए : 1 × 5 = 5
(क) पतंग उडाते हुए बच्चे किसके सहारे स्वयं भी उडते हैं ?
(i) रंघों (ii) रोमांचित शरीर (iii) पतंग (iv) सुनहले सूरज
(ख) ‘बात की चूड़ी मर जाना’ से कवि का तात्पर्य है :
(i) स्पष्ट होना (ii) तर्कपूर्ण होना
(iii) प्रभावपूर्ण होना (iv) प्रभावहीन होना
(ग) ‘लाल केसर से धुली सिल’ किसे कहा गया है ?
(i) धरती को (ii) आकाश को
(iii) गौर देह को (iv) सूर्य को
(घ) साहित्य का रसायन क्या है ?
(i) श्रद्धा (ii) सम्मान
(iii) कल्पना (iv) उर्वरक
(ङ) श्रीराम ने लक्ष्मण को हृदय से लगाया तो कौन हर्षित हुए ?
(i) हनुमान (ii) सुषैन वैद्य
(iii) लक्ष्मण (iv) भालु कपि ब्राता
4. आरोह (भाग - 2) गद्य-खण्ड पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए : 1 × 5 = 5
(क) लेखिका शहर और देहात के जीवन के इस अंतर पर क्या पढ़ते-पढ़ते विचार करती रही ?
(i) ज्ञान सूत्र (ii) न्यायसूत्र (iii) पतंजलि सूत्र (iv) योगसूत्र
(ख) ‘काले मेघा पानी दे’ पाठ में लेखक को कुमार-सुधार सभा का कौन-सा पद दिया गया ?
(i) अध्यक्ष (ii) उपमंत्री (iii) महामंत्री (iv) प्रधानमंत्री
(ग) लेखक का दूसरा मित्र बाजार से खाली हाथ क्यों आया ?
(i) वह कुछ भी नहीं छोड़ना चाहता था।
(ii) वह कुछ भी नहीं खरीदना चाहता था।
(iii) वह बुद्धिमान था।
(iv) उसके पास पैसे नहीं थे।
(घ) ‘शिरीष के फूल’ नामक पाठ के आधार पर अस्ति कथन कौन-सा है ?
(i) शिरीष के वृक्ष बडे और छायादार होते हैं।
(ii) शिरीष का फूल बहुत कोमल माना गया है।
(iii) शिरीष की डाल मजबूत होती है।
(iv) शिरीष के फल मजबूत होते हैं।
(ङ) सामूहिक जीवनचर्या की एक रीति तथा समाज के सम्मिलित अनुभवों के आदान-प्रदान को डॉ० भीमराव आम्बेडकर ने क्या कहा है ?
(i) लोकतंत्र
(ii) समता
(iii) भ्रातृत्व भावना
(iv) आदर्श समाज
5. ‘अभिव्यक्ति और माध्यम’ पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए : 1 × 5 = 5
(क) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है :
(i) रेडियो मूलतः एकरेखीय माध्यम है।
(ii) यूरोप में पुनर्जागरण ‘रेनसाँ’ की शुरुआत में छापेखाने की अहम भूमिका थी।
(iii) ‘तहलका डॉटकॉम’ को भारत की पहली साइट कहा जाता है।
(iv) एकर-पैकेज किसी भी खबर को संपूर्णता के साथ पेश करने का एक जरिया है।
(ख) किसी समाचार संगठन में निश्चित मानदेय पर काम करने वाला पत्रकार क्या कहलाता है ?
(i) अंशकालिक (ii) पूर्णकालिक (iii) फ्रीलांसर (iv) विशेष संवाददाता
(ग) ऐसी ध्वनि जो दर्शकों को सुनाई देती है परन्तु पात्र नहीं बोलता, इसे क्या कहा जाता है ?
(i) संगीत (ii) वायस ओवर (iii) दृश्यात्मक ध्वनि (iv) विशेष ध्वनि
(घ) रेडियो पर वार्ता जैसे कार्यक्रमों के लिए मनुष्य की एकाग्रता की अवधि क्या होती है ?
(i) 10-20 मिनट (ii) 20-30 मिनट (iii) 15-20 मिनट (iv) 15-30 मिनट
(ङ) बीट कवर करने वाले रिपोर्टर को किसका दर्जा दिया जाता है ?
(i) संवाददाता (ii) विशेष संवाददाता (iii) स्वतंत्र लेखक (iv) पेशेवर पत्रकार
6. ‘व्याकरण’ पर आधारित निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
1 × 5 = 5
(क) अन्वेषण का सही संधि विच्छेद है :
(i) अनु + वेषण
(ii) अनु + एषण
(iii) अन्वे + षण
(iv) अन + विषण
(ख) निम्नलिखित समस्त पदों को उनके समास के साथ सुमेलित कीजिए :
<table>
<tr><td>1. विदेशगमन</td><td>(क) बहुग्रीहि</td></tr>
<tr><td>2. गिरिधर</td><td>(ख) तत्पुरुष</td></tr>
<tr><td>3. न्यूनाधिक</td><td>(ग) अव्ययीभाव</td></tr>
<tr><td>4. यथाशीघ्र</td><td>(घ) दंदा</td></tr>
</table>
1 2 3 4 (i) (ग) (क) (ख) (घ) (ii) (क) (ग) (घ) (ख) (iii) (ख) (क) (घ) (ग) (iv) (ख) (घ) (क) (ग)
(ग) निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य छाँटिए :
(i) बन्दूक एक बहुत ही उपयोगी शस्त्र है।
(ii) यह महिला बहुत विद्वान है।
(iii) श्रीकृष्ण के अनेक नाम है।
(iv) श्रीकृष्ण के अनेकों नाम है।
(घ) निम्नलिखित में से अशुद्ध वाक्य छाँटिए :
(i) भूत, वर्तमान और भविष्य तीन काल हैं।
(ii) वे गुनगुने पानी में स्नान करते हैं।
(iii) भैस का दूध पौष्टिक होता है।
(iv) बेफिजूल बातें मत करो।
(ङ) निम्नलिखित में से किस शब्द में एक से अधिक प्रकार के समास पाए जाने की संभावना है ?
(i) वेद-पुराण (ii) वचनामृत (iii) चतुर्भुज (iv) चंद्रशेखर
खण्ड - ब
(वर्णनात्मक प्रश्न)
7. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए :
मैं निज उर के उद्गार लिए फिरता हूँ,
मैं निज उर के उपहार लिए फिरता हूँ;
है यह अपूर्ण संसार न मुझको भाता
मैं स्वप्नों का संसार लिए फिरता हूँ !
अथवा
निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उचित उत्तर दीजिए :
कथा कही सब तेह्रिं अभिमानी। जेहि प्रकार सीता हरि आनी।।
तात कपिन्ह सब निसिचर मारे। महा महा जोथा संघारे।
दुर्मुख सुररिपु मनुज अहारी। भट अतिकाय अकंपन भारी।।
अपर महोदर आदिक बीरा। परे समर महि सब रनधीरा।।
(क) कवि और कविता का नाम लिखिए।
(ख) किसने और किसके सामने सारी कथा कही ? 1
(ग) महोदर, अकंपन आदि योद्धाओं के बारे में क्या कहा गया है ? 1
(घ) राक्षसों को किसने मार गिराया है ? 1
(ङ) काव्यांश में प्रयुक्त भाषा का नाम लिखिए। 1
8. काव्य-खंड के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों में दीजिए :
(क) ‘कैमरे में बंद अपाहिज’ कविता में निहित क्रूरता पर प्रकाश डालिए। 3
(ख) ‘बादल राग’ कविता का मूलभाव लिखिए। 2
9. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 5
क्या आँख बंद करके ही हम सपने नहीं लेते हैं ? और वे सपने क्या चैन-भंग नहीं करते हैं ? इससे मन को बंद कर डालने की कोशिश तो अच्छी नहीं। वह आकारथ है यह तो हठवाला योग है। शायद हठ ही हठ है, योग नहीं। इससे मन कृश भले हो जाए और पीला और अशक्त जैसे विद्वान का ज्ञान। वह मुक्त ऐसे नहीं होता। इससे वह व्यापक की जगह संकीर्ण और विराट की जगह क्षुद्र होता है। इसलिए उसका रोम-रोम मूँदकर बंद तो मन को करना नहीं चाहिए। वह मन पूर्ण कब है ? हम में पूर्णता होती तो परमात्मा से अभिन्न हम महाशून्य ही न होते ? अपूर्ण हैं, इसी से हम हैं। सच्चा ज्ञान सदा इसी अपूर्णता के बोध को हम में गहरा करता है ?
## अथवा
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उचित उत्तर दीजिए :
निस्तब्धता कठोर सिसकियों और आहों को बलपूर्वक अपने हृदय में ही दबाने की चेष्टा कर रही थी। आकाश में तारे चमक रहे थे। पृथ्वी पर कहीं प्रकाश का नाम नहीं। आकाश से टूटकर यदि कोई भावुक तारा पृथ्वी पर जाना भी चाहता तो उसकी ज्योति और शक्ति रास्ते में ही शेष हो जाती थी। अन्य तारे उसकी भावुकता अथवा असफलता पर खिलखिलाकर हँस पड़ते थे।
सियारों का क्रंदन और पेचक की डरावनी आवाज कभी-कभी निस्तब्धता को अवश्य भंग कर देती थी। गाँव की झोपडियों से कराहने और के करने की आवाज, ‘हे राम ! हे भगवान ! की टेर अवश्य सुनाई पड़ती थी। बच्चे भी कभी-कभी निर्बल कंठों से माँ-माँ पुकारकर रो पड़ते थे।
प्रश्न :
(i) गद्यांश के पाठ एवं लेखक का नाम लिखिए।
(ii) भावुक तारे की किस असफलता पर अन्य तारे खिलखिलाकर हँस पड़ते हैं ? 1
(iii) पशुओं की आवाजें डरावनी क्यों थीं ? 1
(iv) कौन-सी आवाजें रात के सन्नाटे को भंग कर देती थीं ? 1
(v) रात्रि की निस्तब्धता का क्या कारण था ? 1
10. गद्य-खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों में दीजिए :
(क) भक्ति के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गई ? 3
(ख) लेखक ने गाँधी और शिरीष की तुलना क्यों की है ? 2
11. नशा उन्मूलन में युवाओं की भागेदारी अप्रत्याशित विषय पर एक रचनात्मक लेख लिखिए। 5
## अथवा
कहानी को नाट्य-रूपांतरण करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ?
12. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों में दीजिए :
(क) रेडियो के समाचार-लेखन के लिए किन बुनियादी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ? 3
(ख) फीचर क्या है ? यह समाचार-लेखन से किस प्रकार अलग है ? 2
13. ‘वितान (भाग – 2)’ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों में दीजिए :
(क) ‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी के माध्यम से लेखक ने क्या संदेश देने का प्रयास किया है ? 3
(ख) अध्यापक की कौन-सी विशेषता ने लेखक के जीवन को बदल दिया ? क्या आपको भी ऐसा कोई अनुभव मिला है ? 2
(ग) सिंधु-घाटी सभ्यता साधन-सम्पन्न थी, पर उसमें भव्यता का आडंबर नहीं था। कैसे ? 2
14. ‘व्याकरण’ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों में दीजिए :
(क) (i) श्लेष अलंकार का लक्षण उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। 2
(ii) ‘‘आगे नदिया पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पार।
राणा ने देखा इस पार, तब तक चेतक था उस पार।।”
– उपरोक्त पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
(ख) व्यंजन संधि को उदाहरण सहित परिभाषित कीजिए। 2
15. ‘आदर्श जीवन मूल्य (उत्तर)’ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दर्शाए गए अंकों के अनुसार उपयुक्त शब्दों में दीजिए :
(क) ‘गीता’ की व्यावहारिक सोच मनुष्य के लिए किस प्रकार लाभकारी है ? 2
(ख) एकाग्रचित्त व्यक्ति जीवन में किस प्रकार सफलता प्राप्त करता है ? 2
(ग) भगत सिंह व राजगुरु को लाहौर से निकालने में दुर्गा भाभी ने किस प्रकार मदद की ? 2
(घ) मन की स्थिरता व मजबूती के लिए हमें क्या करना चाहिए ? 2
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