CBSE CLASS 12 PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER
HINDI ELECTIVE
निर्धारित समय : 3 घण्टे
अधिकतम अंक : 80
हिन्दी (ऐच्छिक) / HINDI (Elective)
सामान्य निर्देश :
निम्नलिखित निर्देशों को बहुत सावधानी से पढ़िए और उनका सख्ती से अनुपालन कीजिए :
(i) इस प्रश्न-पत्र में प्रश्नों की संख्या 14 है। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं ।
(ii) इस प्रश्न-पत्र में दो खण्ड हैं- खण्ड अ और ब ।
(iii) खण्ड अ में 40 बहुविकल्पी / वस्तुपरक उप-प्रश्न पूछे गए हैं। दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए सभी उप-प्रश्नों के उत्तर लिखिए ।
(iv) खण्ड ब में 8 वर्णनात्मक प्रश्न पूछे गए हैं, आंतरिक विकल्प भी दिए गए हैं।
(v) प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए लिखिए ।
(vi) यथासंभव सभी प्रश्नों के उत्तर क्रमानुसार लिखिए ।
खण्ड अ
(बहुविकल्पी/वस्तुपरक प्रश्न) — 40 अंक
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (10 × 1 = 10)
सुख तथा दुख में साथ देने वाला तथा समान क्रिया वाला मित्र कहलाता है । वस्तुतः, मित्रता दो हृदयों को बाँधने वाली प्रेम की डोर है। मनुष्य जीवन के पथ पर एकाकी चलने में कठिनाई का अनुभव करता है, उसे ऐसे व्यक्ति की खोज रहती है जो उसके हर्ष और विषाद में साथ देने वाला हो, जिसके सामने वह मन-प्राणों की कोई लिपि गुप्त न रहने दे, जिसके ऊपर अपने विश्वास की दीवार खड़ी कर सके । अतः मित्रता मन की वह प्यास है जिसके लिए मनुष्य तड़पता रहता है और वह व्यक्ति बड़ा ही भाग्यवान् है जिसकी यह प्यास बुझ जाती है । इसलिए मित्रता का बड़ा गुणगान किया जाता है ।
बाइबिल में कहा गया है कि 'एक विश्वासी मित्र जीवन के लिए महौषध है' । सच्चे मित्र जीवन में आनन्द की वर्षा करते हैं। सन्मित्र जीवन के निराधार सागर में सुदृढ़ कर्णधार की भाँति प्रेम नाव लेकर उस पार लगा देते हैं।
किन्तु यदि मित्रता असली हो तब तो वह स्वर्गीय प्रकाश है, यदि नकली हो तो नारकीय अंधकार । सच्ची मित्रता फॉस्फोरस की तरह ज्योति फैलाकर मित्र के संकट के अंधकार को क्षणभर में दूर कर देती है । सज्जनों से मित्रता की छाया दोपहर के बाद की छाया की तरह बढ़ती जाती है । इसके विपरीत दुष्टों से मित्रता सुबह की छाया की तरह पहले तो काफी बड़ी लगती है लेकिन बीच दोपहर में ही छोटी हो जाती है। अतः मित्र के चयन में सावधानी रखनी चाहिए ।
सच्चा मित्र, मित्र की सदा भलाई चाहता है, उसके लिए अपने प्राणों की आहुति देने के लिए भी तैयार रहता है। वह बराबर अपने मित्र को बुरे मार्ग पर जाने से रोकता है तथा सुपथ पर चलाने का प्रयास करता है । ठीक इसके विपरीत कपटी मित्र बड़े घातक होते हैं, उनकी मित्रता केवल शब्दों की मित्रता होती है। ये मित्र को ललकारकर आगे तो बढ़ा देते हैं किन्तु पीछे से लंगी मारने में इन्हें न संकोच होता है और न लाज ही लगती है। मित्रों के पास ये तभी तक मँडराते रहते हैं जब तक उनके पास लुटाने को पैसे होते हैं किन्तु दीनता और संकट में साथ छोड़ देते हैं । ऐसे मित्रों को उस कुंभ के समान छोड़ देना चाहिए जिसके ऊपर तो दूध हो और नीचे विष भरा हो । वे सचमुच भाग्यशाली हैं जिन्हें कोई सच्चा मित्र मिल जाता है । समान पुरुषों की मिताई हो जाय तो अच्छा, किन्तु यदि असमान स्थिति वाले सहृदय लोगों में वह मित्रता हो तो क्या कहना !
(i) गद्यांश के अनुसार मानव को जीवन में मित्र की तलाश क्यों रहती है ?
(A) दुख दूर करने के लिए
(B) दो हृदयों को बाँधने के लिए
(C) एकाकी जीवन की कठिनाइयों से बचने के लिए
(D) कठिन परिस्थितियों में मार्गदर्शन के लिए
(ii) सच्ची मित्रता का क्या लक्षण है ?
(A) मित्र के गुणों का बखान करना
(B) सुख-दुख में साथ निभाना
(C) जीवन में आनंद की वर्षा करना
(D) मित्र के साथ हास-परिहास करना
(iii) गद्यांश के अनुसार सज्जनों की मित्रता है :
(A) सुबह की घनी छाया
(B) दोपहर की छोटी छाया
(C) दोपहर बाद की छाया
(D) रात्रि की घनी छाया
(iv) 'दुर्जनों की मित्रता रूपी छाया दोपहर में ही छोटी हो जाती है ।' – इस कथन का आशय है :
(A) इनकी मित्रता कुछ समय के लिए ही होती है ।
(B) संकट आते ही दुर्जन मित्र को बीच में छोड़ देते हैं ।
(C) दोपहर की छाया दुर्जनों के समान होती है।
(D) दोपहर का ताप दुर्जनों के समान कष्टदायी है ।
(v) वास्तविक मित्रता के लिए गद्यांश में कहा गया है :
(A) स्वर्गीय आभा
(B) स्वर्गीय सुमन
(C) नारकीय अंधकार
(D) स्वर्गीय प्रकाश
(vi) गद्यांश के आधार पर मित्रता कैसी होनी चाहिए ?
(A) दोपहर में ही कम हो जाने वाली धूप की तरह
(B) दोपहर के बाद की छाया की तरह
(C) सुबह की भरपूर छाया की तरह
(D) दिनभर की छाया की तरह बढ़ती-घटती
(vii) 'पीछे से लंगी मारना' का अर्थ है :
(A) लाठी मारना
(B) बाधा उपस्थित करना
(C) तलवार चलाना
(D) धोखा देना
(viii) गद्यांश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सही है ?
(A) सच्चा मित्र संकटों के पहाड़ को दूर करता है ।
(B) मित्र के दुख में दुखी न होने वाले व्यक्ति को देखने से पाप लगता है ।
(C) सच्चा मित्र अपने दुख से बड़ा मित्र का दुख मानता है ।
(D) मित्र की इच्छानुसार काम करने वाला व्यक्ति ही सच्चा मित्र है ।
(ix) गद्यांश में दीनता और संकट में साथ छोड़ने वाले मित्र की तुलना की गई है :
(A) नीचे विष ऊपर दूध से भरा कुंभ
(B) विष से भरा पूरा कुंभ
(C) दूध से भरा पूरा कुंभ
(D) नीचे दूध और ऊपर विष से भरा कुंभ
(x) गद्यांश में उत्तम मित्रता मानी गई है :
(A) असमान व्यक्तियों के बीच होने वाली
(B) समान व्यक्तियों के बीच होने वाली
(C) समान-असमान व्यक्तियों के बीच होने वाली
(D) दो अनजान व्यक्तियों के बीच होने वाली
निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (8 × 1 = 8)
जब-जब दुख की रात घिरी तब-तब मैं गाना
खुलकर गाता रहा, अँधेरे में स्वर मेरा
और उदात्त हो गया, सीखा नहीं छिपाना
मैंने मन के भाव, देखकर घोर अँधेरा ।
दीप स्वरों के पथ पर रखता मैं एकाकी
बढ़ता रहा, रुका कब ? इनकी उनकी आशा
मुझे नहीं थी विषपायी था, कभी सुधा की
चाह नहीं की, न ही अमरता की परिभाषा
गढ़ने बैठा, डर क्या है, अब वह भी बीते
जो बाकी है, आघातों प्रत्याघातों में
नया सत्य आएगा, हार नहीं मैं जीते
जी मानूँगा, और लडूंगा उत्पातों में
दुख के गाने कंठ-कंठ के हैं पहचाने
सबके प्राण तड़पते हैं जाने-अनजाने ।।
(i) पद्यांश में कवि ने मन के भावों को क्या माना है ?
(A) बादलों की गड़गड़ाहट
(B) घोर अँधेरा
(C) संगीत की ध्वनि
(D) जल प्रवाह
(ii) कवि ने विपरीत परिस्थितियों का सामना किया :
(A) डरकर
(B) गाकर
(C) खुलकर
(D) रोकर
(iii) घोर अँधेरी रात देखकर कवि ने क्या किया ?
(A) मार्ग प्रशस्त करने के लिए अकेला ही आगे बढ़ गया ।
(B) अपने-परायों से सहायता की उम्मीद की ।
(C) अंधकार से भयभीत होकर पीछे हट गया ।
(D) अपने-परायों की सहायता से आगे बढ़ गया ।
(iv) कवि ने अमृत की चाह क्यों नहीं की ?
(A) उसे अमृत दुखदायी लगता था ।
(B) वह विष पीने का आदी था ।
(C) उसे अमृत अच्छा नहीं लगता था ।
(D) वह अमर नहीं होना चाहता था ।
(v) "आघातों-प्रत्याघातों में" का आशय है :
(A) विघ्न बाधाओं में
(B) वाद-विवाद में
(C) विचारों के समूह में
(D) तर्क-वितर्क में
(vi) कवि का उद्घोष क्या है ?
(A) हार स्वीकार कर लेने का
(B) हार नहीं स्वीकारने का
(C) जीवन भर हारते रहने का
(D) पराजय में आनंदित होने का
(vii) 'उत्पातों' शब्द से कवि का अभिप्राय है :
(A) उल्कापातों से
(B) उपद्रवों से
(C) ऊपर उठकर गिरने से
(D) आमंत्रणों से
(viii) 'दुख की व्यथा सर्वव्यापी है' — इस भाव को व्यक्त करने वाली पंक्ति है :
(A) सबके प्राण तड़पते हैं जाने-अनजाने
(B) हार नहीं जीते जी मानूँगा
(C) और लडूंगा उत्पातों से
(D) आघातों प्रत्याघातों में नया सत्य आएगा ।
(अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक पर आधारित प्रश्न)
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (5 × 1 = 5)
(i) जनसंचार के विभिन्न माध्यमों की सुंदरता होती है :
(A) छह ऋतुओं की छटा के समान
(B) इन्द्रधनुषी रंगों की छटा के समान
(C) वसंत ऋतु के दृश्यों के समान
(D) वर्षा की रिमझिम के समान
(ii) मुद्रित माध्यमों में लेखन के लिए आवश्यक होता है :
(A) भाषा, व्याकरण, वर्तनी और शैली का ध्यान रखना
(B) प्रकाशन में समय की चिन्ता से मुक्त रहना
(C) समय और स्थान के अनुशासन की चिन्ता न करना
(D) भाषा संबंधी अशुद्धियों पर गौर न करना
(iii) जब कोई बड़ी खबर तत्काल दर्शकों तक पहुँचाई जाती है, तो उसे कहते हैं :
(A) लाइव
(B) ब्रेकिंग न्यूज
(C) एंकरबाइट
(D) फोन-इन
(iv) केवल इन्टरनेट पर मौजूद अख़बार का नाम है :
(A) प्रभात खबर
(B) हिंदुस्तान टाइम्स
(C) प्रभासाक्षी
(D) नवभारत टाइम्स
(v) सूचनाओं के साथ-साथ मनोरंजन पर भी ध्यान दिए जाने वाले सुव्यवस्थित, सृजनात्मक, आत्मनिष्ठ लेखन को कहते हैं :
(A) आलेख
(B) फ़ीचर
(C) संपादकीय
(D) विशेष लेखन
(पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न)
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (5 × 1 = 5)
फरइ कि कोदव बालि सुसाली ।
मुकता प्रसव कि संबुक काली ।।
सपनेहुँ दोसक लेसु न काहू ।
मोर अभाग उदधि अवगाहू ।।
बिनु समुझें निज अघ परिपाकू ।
जारिउँ जायँ जननि कहि काकू ।।
हृदयँ हेरि हारेउँ सब ओरा ।
एकहि भाँति भलेंहि भल मोरा ।।
गुर गोसाइँ साहिब सिय रामू ।
लागत मोहि नीक परिनामू ।।
(i) काव्यांश में आए 'कोदव' का अर्थ है :
(A) मोटा चावल
(B) उत्तम अनाज
(C) सुगंधित चावल
(D) खाने योग्य चावल
(ii) कवि ने भरत के दुर्भाग्य की तुलना किससे की है ?
(A) घनघोर बादल से
(B) अथाह समुद्र से
(C) विशाल पृथ्वी से
(D) अचल नगराज से
(iii) 'जारिउँ जायँ जननि कहि काकू' का आशय है :
(A) माता की बहुत सेवा की है
(B) माता की आज्ञा का पालन नहीं किया है
(C) माता को देखने नहीं गया
(D) माता को कटुवचन कहकर बहुत सताया है
(iv) भरत स्वयं के जीवन में आने वाली स्थितियों के लिए दोषी मानते हैं :
(A) माता कैकेयी को
(B) राजा दशरथ को
(C) अपने भाग्य को
(D) दासी मंथरा को
(v) काव्यांश में किसके प्रेम का वर्णन है ?
(A) भरत का कैकेयी के प्रति
(B) राम का कौशल्या के प्रति
(C) राम का कैकेयी के प्रति
(D) भरत का राम के प्रति
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (5 × 1 = 5)
बूढ़ी माता, बोली "मैं तो बबुआ से कह रही थी कि जाकर दीदी को लिवा लाओ, यहीं रहेगी । वहाँ अब क्या रह गया है ? ज़मीन-जायदाद तो सब चली ही गई । तीनों देवर अब शहर में जाकर बस गए हैं। कोई खोज खबर भी नहीं लेते । मेरी बेटी अकेली ...।"
"नहीं मायजी ! ज़मीन-जायदाद अभी भी कुछ कम नहीं। जो है, वही बहुत है । टूट भी गई है, है तो आखिर बड़ी हवेली ही । 'सवांग' नहीं है, यह बात ठीक है ! मगर, बड़ी बहुरिया का तो सारा गाँव ही परिवार है। हमारे गाँव की लक्ष्मी है बड़ी बहुरिया । गाँव की लक्ष्मी गाँव को छोड़कर शहर कैसे जाएगी ? यों, देवर लोग हर बार आकर ले जाने की ज़िद करते हैं।"
(i) प्रस्तुत गद्यांश का संवाद किनके बीच का है ?
(A) हरगोबिन और बड़ी बहुरिया के भाई के बीच का
(B) हरगोबिन और बड़ी बहुरिया की बूढ़ी माँ के बीच का
(C) संवदिया और बड़ी बहुरिया के बीच का
(D) हरगोबिन और संवदिया के बीच का
(ii) बूढ़ी माता के कथन में उसके मन का कौन-सा भाव प्रकट हो रहा है ?
(A) जमीन-जायदाद का चले जाना
(B) बेटी के अकेलेपन का दुख
(C) तीनों देवरों का शहर में जा बसना
(D) बेटी का कोई संरक्षक न होना
(iii) बूढ़ी माता की चिंता को हरगोबिन ने कैसे शांत किया ?
(A) आत्म प्रशंसा करके
(B) बड़ी हवेली का महत्त्व बताकर
(C) बड़ी बहुरिया को सुखी बताकर
(D) बड़ी बहुरिया को गाँव के परिवार का अंग बताकर
(iv) हरगोबिन ने बड़ी हवेली का बड़प्पन क्यों बखाना ?
(A) बूढ़ी माता को खुश करने के लिए
(B) अपनी झूठ बोलने की आदत दिखाने के लिए
(C) व्यवहार कुशलता दिखाने के लिए
(D) बोलने की अपनी चतुरता दिखाने के लिए
(v) "हमारे गाँव की लक्ष्मी है, बड़ी बहुरिया" — हरगोबिन ने ऐसा क्यों कहा ?
(A) बूढ़ी माँ को निरुत्तर करने के लिए
(B) बूढ़ी माँ को बेटी की तरफ से चिंता मुक्त करने के लिए
(C) बड़ी हवेली का महत्त्व बढ़ाने के लिए
(D) बूढ़ी माँ को बड़ी हवेली ले जाने के लिए
(पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न)
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (7 × 1 = 7)
(i) “भैरों को दम के दम इतने रुपए मिल गए अब यह मौज उड़ाएगा – ऐसा ही कोई माल मेरे हाथ भी पड़ जाता तो ज़िंदगी सफल हो जाती" यह कथन है :
(A) भैरों का
(B) सुभागी का
(C) जगधर का
(D) बजरंगी का
(ii) "सूरदास गर्म राख में कुछ टटोल रहा था" लेखक ने उसे अभिलाषाओं की राख क्यों कहा है ?
(A) झोंपड़ी जलकर उसका फूस राख में परिवर्तित होने के कारण
(B) ज़िंदगीभर की उसकी जमा पूँजी के नष्ट हो जाने के कारण
(C) राख में पोटली न मिलने पर उसकी अभिलाषाओं का अंत होने के कारण
(D) पोटली खोजने के प्रयास में पैर फिसल जाने से गहराई में गिर जाने के कारण
(iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए :
कथन: गाँवों का जीवन सीधा-सादा होता है ।
कारण : गाँवों में प्रकृति का स्वच्छंद और निर्मल रूप दिखाई देता है ।
विकल्प :
(A) कथन सही है, लेकिन कारण ग़लत है ।
(B) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है ।
(C) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
(D) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
(iv) फूलों की गंध से अनेक बीमारियों से बचाव का उल्लेख :
(A) एक परंपरा है
(B) एक अंधविश्वास है
(C) एक दंतकथा है
(D) एक कही सुनी बात है
(v) नर्मदा नदी के चिढ़ने और तिनतिन-फिनफिन करके बहने का कारण था :
(A) उसके पानी का प्रदूषित हो जाना
(B) उस पर विशाल बाँध बनाया जाना
(C) उसके पानी का दोहन किया जाना
(D) उसके किनारे पर निर्माण किया जाना
(vi) 'बिस्कोहर की माटी' कथा के केंद्र में है :
(A) फूल और फल
(B) बिस्कोहर और बिसनाथ
(C) गाँव और वातावरण
(D) साँप और सब्ज़ी
(vii) स्तंभ-I में दिए गए पदों को स्तंभ-II में दिए गए प्रतीकार्थों से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए :
स्तंभ-I:
ओंकारेश्वर
गाँधी सागर
कालीसिंध
जानापाव
स्तंभ-II:
(i) बाँध
(ii) पर्वत
(iii) नदी
(iv) तीर्थस्थल
विकल्प :
(A) 1-(i), 2-(iii), 3-(iv), 4-(ii)
(B) 1-(iii), 2-(iv), 3-(i), 4-(ii)
(C) 1-(iv), 2-(i), 3-(iii), 4-(ii)
(D) 1-(ii), 2-(iii), 3-(i), 4-(iv)
खण्ड ब
(वर्णनात्मक प्रश्न) — 40 अंक
(जनसंचार और सृजनात्मक लेखन पर आधारित प्रश्न)
निम्नलिखित तीन शीर्षकों में से किसी एक शीर्षक पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए : (5 अंक)
(क) एशियाई खेलों (2023) में भारत का शानदार प्रदर्शन
(ख) बच्चों की दुनिया
(ग) मोटे अनाज : स्वास्थ्य के पोषक
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : (2 × 3 = 6)
(क) साहित्य की अन्य विधाओं की तुलना में कविता हमारे मन को क्यों छू लेती है ?
(ख) नाटक की घटनाओं को वर्तमान में घटित होते क्यों दिखाया जाता है ?
(ग) कहानी में संवाद के लिए किस प्रकार के संवादों को महत्त्वपूर्ण माना जाता है ?
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर लगभग 60 शब्दों में उत्तर लिखिए : (2 × 3 = 6)
(क) समाचार लेखन का छह ककारों से क्या संबंध है ? स्पष्ट कीजिए ।
(ख) एक अच्छे साक्षात्कार के लिए किन बातों को आवश्यक माना जाता है ?
(पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न)
पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए : (2 × 2 = 4)
(क) 'यह दीप अकेला' कविता में कवि ने किस बात पर बल दिया है और क्यों ?
(ख) 'बारहमासा' कविता में कवि ने अगहन मास की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है और नायिका पर उनका क्या प्रभाव पड़ता है ? अपने शब्दों में लिखिए ।
(ग) 'वसंत आया' कविता के आधार पर लिखिए कि वसंत आगमन की अनुभूति कवि को कैसे हुई और वसंत पंचमी के अमुक दिन होने का प्रमाण उसने क्या बताया ?
निम्नलिखित में से किसी एक काव्यांश की प्रसंग सहित व्याख्या कीजिए : (6 अंक)
(क)
के पतिआ लए जाएत रे मोरा पिअतम पास ।
हिए नहि सहए असह दुख रे भेल साओन मास ।।
एकसरि भवन पिआ बिनु रे मोहि रहलो न जाए ।
सखि अनकर दुख दारुन रे जग के पतिआए ।।
मोर मन हरि हर लए गेल रे अपनो मन गेल ।
गोकुल तेजि मधुपुर बस रे कत अपजस लेल ।।
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